andolan banam rajneeti

andolan banam rajneeti

Thursday, June 7, 2012

desh ka yojna aayog desh ke logo ko 32 rupaye me jeevan jeene ka hunar bata rahe the aur apne hi vibhag me do toilet ke banane me 35 lakhs kharch kar diye ,ab shayd desh ki aam janta ko samjh jana chahiye ki jab ham 32 rupaye me gujara karege tabhi to hamare sarkari bhagwan aish ki jindagi jee payege sochiye jab itna sara paisa sirf vibhag ke toilet me kharch kar diya gaya to apne neeji jeevan me ye kya kya gul khilate hoge. ab bhi waqt hai jag jao warna ye 32 rupaye to kya apki apni sanse bhi nhi chodege use bhi bechkar apne sukh ki badottari karege .jay hind jay bharat
देश के सत्ताधारियो ने नयी युवा नीति का एलान किया है जिसमे ये बताया गया है की अब 16 से 30 वर्ष तक के लोग ही युवा कहलायेगे ,लेकिन ये नीति बनाने से पहले शायद ये भूल गए की आज भी राहुल गाँधी और उम्र अब्दुल्ला इस देश के युवा नेता कहलाते है जो 40 वर्ष से भी ऊपर जा चुके है तो क्या ये बंदिश सिर्फ आम जनता के लिए है जिसके मुह में हमेशा ताला पड़ा रहता है जो कभी किसी बात का विरोध नही करती , हो सकता है की इस नीति को बनाने से पहले राहुल गाँधी से सलाह मशवरा न किया गया हो और न ही इस सम्बन्ध में सोनिया जी को कुछ ज्ञात हो वरना वो अपने बेटे के लिए इस नीति में ये बदलाव जरुर करती की ये उम्र का बंधन सिर्फ आम भारवासियो के लिए है गाँधी खानदान के लिए नही और न ही उनके हितैशियो के लिए ,वो जब तक जीते है तब तक राज करते है और जब तक मम्मी जी जीवित है और इस देश की महारानी है तब तक बेटा श्री तो जवान रहेगे ही आखिरकार राहुल की शादी भी तो नही हुई है खैर भारत के वासियों फिर से मौन धारण कर लो और स्वीकार लो इस नियम को भी.
uttar pradesh ke vidhayako ne ek nayi mang samne rakhi hai ki wo bhi bahut mehnat karte hai , janta ki awaj ko sadan me uthate hai ,janta ke hito ka khyal rakhte hai isliye unhe bhi vidhansabha ki canteen me swadisht bhojan milna chahiye,ek vidhyak bole ki unhe khane me bs sabji daal roti chaval dahi bada kheer salad bas bas sirf yahi milta hai jabki desh ki sansad me shakahari aur mansahari dono prakar ka bhojan milta hai ,ab hame bhi har type ka swad chakhna hai ,ab ye vidhayak bhi kya kare muft me janta ki gadi kamayi me sab mil raha hai to bs khaye jao khaye jao aur satta ke gun gaye jao ,jis desh me kitne log hai jo bhukhe pet sote hai ,jinhe ek waqt ki roti naseeb nhi hai us desh ke vidhayak aisi mang rakh sakte hai kyuki sharam to inme hai nhi aur hamne atamsamman ko tak me rakhkar in sabki gulami karna sikh liya hai , jo log janta ke rahamo karam se satta ki seediya chadte hai aur uske paiso  par aish karte hai wahi log aam adami ka khoon chus rahe hai aur us par bhi khud ko mehnati kahte sharam nhi aati.

Wednesday, May 2, 2012

kuch shabd kisi khas ke liye

जिन्दगी में हमें कई बार परिवार से बाहर भी रिश्ते बनाने होते है जैसे की दोस्त और कुछ खास ,कुछ रिश्ते हमें बहुत प्यार देते है और जब हमसे अलग होते है तो जीते जी मार देते है , हम जीना छोड़कर खुद को पल पल मरने में लग जाते है पर कभी कभी कोई ऐसा रिश्ता हमारी जिन्दगी में शामिल होता है जो हमारी कमजोरी तो बनता है पर जो हमें आगे बदना सिखाता है जो पल पल हमें ये एहसास दिलाता है की वो हमारे साथ है हमारे पास न होते हुए भी जिससे हमें कोई उम्मीद नही होती और फिर भी हम उसकी उम्मीद के सहारे ही जीते रहते है ,पता नही उसमे ऐसा क्या है उसका गुस्सा भी अपना लगता है वो दूर है फिर भी सबसे नजदीक है हमारे , वो हमसे प्यार नही करता फिर भी लगता है की हमारा है वो ,बिना किसी उम्मीद के प्यार भी हो सकता है शायद यकीन नही था पर आज हो रहा है शायद तभी कहते है भगवान किसी को हमारे लिए खास बनाता है पर बड़ी देर से हम उसे पहचान पाते है पर देर से सही समय से मिल गया ये क्या कम है .ऐसा खास रिश्ता हमारी जिन्दगी बन जाता है और हमें पता भी नही चलता और जिंदगी वो है या फिर जिदंगी उसका नाम है ,,,,,,,,पता नही पर जीने के लिए जिस खास एहसास की जरुरत होती है शायद वही है प्यार फिर चाहे उसे नाम मिले या नही .
आजकल लोग हर जगह एक ही चर्चा करते है की याद आती है वो माँ की ममता और वो माँ का आँचल जिसकी छाँव में बच्चा अपना हर दुःख अपनी हर पीड़ा को भूल जाता है ,आज सभी कहते है की माँ का आंचल कहा से मिलेगा जब आज नारी के परिधान में बद्लाव् आ गया है .जींस और शर्ट पहनने वाली नारी कहा दे पायेगी बच्चे को वो आँचल का सुख जो अपने अन्दर बच्चे की हर तकलीफ छिपा लेता है .वैसे कहा तो ये भी जाता है की बोया पेड़ बबुल का तो आम कहा से होए ,जब आप अपने लिए आँचल वाली जीवनसाथी का चयन नही कर सकते तो आप कैसे सोच सकते है की आपकी आने वाली पीड़ी को आँचल वाली माँ नसीब होगी .पहले अपने घर की उन महिलाओ की इज्ज़त करिए जो अपने आँचल में अपने परिवार के सारे दुःख और तकलीफे सह कर भी उन्हें हर ख़ुशी और संस्कार की विरासत दे जाती है .एक औरत एक नही बल्कि दो परिवारो की इज्ज़त होती है और दोनों परिवार को बनाने वाली भी उसकी इज्ज़त करे वरना जहा इसका मान नही वह विनाश हो जाता है जिन्दगी का . 

Friday, April 20, 2012

कितना हसीं है जिंदगी का ये सफ़र ग़ालिब .............
खुदा ने मरना  हराम कर दिया और लोगो ने जीना ............. मिर्जा ग़ालिब . 
सबसे छुपाकर दर्द जो वो मुस्कुरा दिया ,
उस की हंसी ने तो आज मुझे रुला दिया ,

लहजे से उठ रहा था हर इक दर्द का धुंआ ,
चेहरा बता रहा था की कुछ गँवा दिया ,

आवाज में ठहराव था ,आँखों में नमी थी ,
और कह रहा था की मैंने सब कुछ भुला दिया ,

जाने क्या उसको लोगो से थी शिकायते ,
ख्यालो के देश में खुद को बसा दिया ,

खुद भी वो हमसे जुदा होकर अधुरा सा हो गया ,
मुझ को भी इतने लोगो में तनहा बना दिया ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,