andolan banam rajneeti

andolan banam rajneeti

Wednesday, May 2, 2012

आजकल लोग हर जगह एक ही चर्चा करते है की याद आती है वो माँ की ममता और वो माँ का आँचल जिसकी छाँव में बच्चा अपना हर दुःख अपनी हर पीड़ा को भूल जाता है ,आज सभी कहते है की माँ का आंचल कहा से मिलेगा जब आज नारी के परिधान में बद्लाव् आ गया है .जींस और शर्ट पहनने वाली नारी कहा दे पायेगी बच्चे को वो आँचल का सुख जो अपने अन्दर बच्चे की हर तकलीफ छिपा लेता है .वैसे कहा तो ये भी जाता है की बोया पेड़ बबुल का तो आम कहा से होए ,जब आप अपने लिए आँचल वाली जीवनसाथी का चयन नही कर सकते तो आप कैसे सोच सकते है की आपकी आने वाली पीड़ी को आँचल वाली माँ नसीब होगी .पहले अपने घर की उन महिलाओ की इज्ज़त करिए जो अपने आँचल में अपने परिवार के सारे दुःख और तकलीफे सह कर भी उन्हें हर ख़ुशी और संस्कार की विरासत दे जाती है .एक औरत एक नही बल्कि दो परिवारो की इज्ज़त होती है और दोनों परिवार को बनाने वाली भी उसकी इज्ज़त करे वरना जहा इसका मान नही वह विनाश हो जाता है जिन्दगी का . 

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